Case-presentation: Medoja-granthi (Lipoma) by Vaidyaraja Subhash Sharma

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[9/29, 1:40 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 



*मेदोरोग पर MD में हमने थीसिस लिखी थी तो कई सिद्धान्त स्थापित किये थे जिसमें शरीर में होने वाली मेदोज ग्रन्थियों को स्थानिक मेदोरोग माना था और इनकी चिकित्सा में विभिन्न प्रयोग की संभावनायें बनाई थी जिसे हम अब अपनी practice में प्रयोग करते हैं तो आशातीत सफलता मिलती है।*





*इस प्रकार की मेदोज ग्रन्थियों में चिकित्सक आरोग्य वर्धिनी और कांचनार गुग्गलु का प्रयोग करते तो हैं पर उन्हे अधिक सफलता नही मिलती। अगर आप भी इस प्रकार के रोगी लें तो उनकी चिकित्सा में क्षार का प्रयोग अवश्य करें, हमारे बहुत से रोगी स्वस्थ होने पर परिचितों से कहते हैं कि वैद्यराज जी ने तो औषधियों से ही हमारी surgery कर दी ।*





*इस प्रकार की ग्रन्थियों को समाप्त करने के लिये उष्ण तीक्ष्ण लघु रूक्ष दहन छेदन भेदन कर्षण लेखन द्रव्यों की आवश्यकता होती है जो हमें क्षार में मिलते है और इसकी चिकित्सा का सूत्र हमें चरक संहिता से ही मिला था ...।*





*तीक्ष्णोष्णो लघुरूक्ष्ष्च क्लेदी पक्ता विदारणा:, दाहनो दीपश्च्छेता सर्व: क्षारोऽग्निसन्निभ :। च सू ।*


*कांचनार यवकुट 10 gm क्वाथ विधि से बनाये सुखोष्ण होने पर 500 mg शुद्ध नवसार और 2-3 gm यवक्षार, 1 gm सर्जिका क्षार मिलाकर प्रात: सांय दें, इनके साथ ही आरोग्य वर्धिनी 1-1 gm bd, कांचनार गुग्गलु 2 bd, नित्यानंद रस 2 bd दे ।*





*अतिरिक्त भेदन कर्म के लिये कुटकी चूर्ण 3 gm हरीतकी चूर्ण 3 gm सांय लगभग 6 बजे दें।*


*मधुर स्निग्ध गुरू पदार्थ अपथ्य है और पथ्य में औषध सिद्ध द्रव्यों से लघुता लाये, जैसे मूंग मसूर दाल यूष, यव + चना मिश्रित चपाती, पंचकोल मिश्रित कृशरा, लौकी, तोरई, ग्वार की फली का अधिक प्रयोग ।*





*परिणाम देखें ...* 👇🏿


14-9-2019





















































































28-9-2019






































[9/29, 4:54 AM] Vd V. B. Pandey Basti U. P: 





Sir !

You make the treatment of ch. Disease so simple as mathematics calculation.





[9/29, 6:37 AM] Satish Sharma ji Dr:





 POORNAMADAH POORNAMIDAM POORNAD POORNAMADUCHYATE POORNASY POORNAMADAY POORNAMEVAVSHISHYATE





[9/29, 6:40 AM] Dr Sachin Gajare: 🙏🏻🙏🏻🙏🏻





[9/29, 7:25 AM] Dr Amol kadu, NIA, Jaipur: 





There are lots of pts of multiple lipoma.....thank you sir...





[9/29, 7:50 AM] Dr. Rituraj Verma:





प्रणाम गुरुवर 


एक महिला रोगी 61 वर्ष


Vegainal warts है, itching,


T2DM hai


जिव्हा साम,विबंध,योनिकण्डु


वातज प्रकृति


गुरुजन कृपा करें मार्गदर्शन की आवश्यकता है !





[9/29, 7:54 AM] Vd V. B. Pandey Basti U. P: 





हल्दी के चूर्ण में सनूही के दूध को मिलाकर हल्का सा गो मूत्र डालकर लगाने को दें यदि concentration जयादा हो तो dilute कर लें।





[9/29, 8:06 AM] Dr Chandra Shekhar Sharma: 💐💐💐





[9/29, 8:07 AM] Vd. Aashish Kumar, Lalitpur: 





धन्यवाद गुरुदेव सुभाष सर, ऐसे रोगी तो हम लेते ही नही थे क्योकि कभी किसी वैद्य ने कोई रोगी ठीक किया हो ऐसा सुना भी नही था,आत्मविश्वास नही था या असाध्य मान लेते थे और रोगी को भी कोई तकलीफ न होने के कारण वो भी इलाज में गम्भीर नही रहता है।





औषधि में हम बुक्स में लिखी हुई मात्रा से अधिक देने का भय भी रहता है।





आपने बताया है कि तीनों क्षार मिलाकर लघभग 5 ग्राम(हम चूर्ण भी 2 ग्राम से ज्यादा नही दे पाते थे)





अरोग्यवर्धनी 1 ग्राम(मतलब 4 टैब)हम 1 या 2 से अधिक नही सोचते थे।





हरीतकी और कुटकी अगर रोज देंगे तो उनको अतिसार न हो, ऐसा सोचते थे।





सबसे मुख्य कि रोगी पूछता है कितना समय लगेगा, इसके बारे में भी कोई जानकारी नही थी।








आपको बहुत बहुत धन्यवाद,आपकी पोस्ट से कई शंकाओं का समाधान हो जाता है ।

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻





[9/29, 8:11 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*veginal warts की चिकित्सा में चार सिद्धान्त प्रयोग होते है,

1. औषध (ब्राह्य योनि प्रक्षालन एवं आभ्यंतर औषध प्रयोग) , 

2. क्षार कर्म , 

3. अग्नि कर्म एवं 

4. शस्त्र कर्म। 

T2 DM रूग्णाओं में लाभ की संभावना औषध प्रयोग से वैसे ही बहुत कम रह जाती है, और जो भी अल्प लाभ मिला वो संतुष्टि जनक नही मिला अत: हमने इस प्रकार की रूग्णाओं को निजी रूप में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर मानकर चिकित्सा के लिये आगे refer कर दिया।*





[9/29, 8:14 AM] Vd Dilkhush M Tamboli: 





Excellent 🙏🙏🙏🙏🙏


सर ऐसा लगता है आप केसेस बताते जाए और हम सूनते ही रह जाये





हैरान होते जाय और inspire होते जाये ।





🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏





[9/29, 8:14 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi:





 *जामनगर में हमें सिखाया गया कि आरोग्य वर्धिनी और पुनर्नवा मंडूर की मात्रा 1-1 gm तीन बार दें तो निश्चित सफलता मिलेगी और मिलती है।*


[9/29, 8:15 AM] Dr. Rituraj Verma: 



धन्यवाद गुरुवर !





[9/29, 8:16 AM] Vd V. B. Pandey Basti U. P: 





Sir please elaborate this shlok.





[9/29, 8:26 AM] Dr Divyesh Desai:





 🌺🌺👏🏽👏🏽सर, इसमे उद्वर्तन कर सकते है? 


उद्वर्तन कफ़हरम मेदसः प्रविलायनम


ओर आपने बताई ट्रीटमेंट के साथ वरुणादि क्वाथ add कर सकते है? आप जो भी ट्रीटमेन्ट बताते हो वो ज्यादातर काष्ठ औषधि ओर आहार को भी औषधि के तौर पर बताते हो


आप हम सब को आपकी तरह आत्मविश्वास बढ़ाने का कोई फार्मूला बताने की विनती है।


जय आयुर्वेद, जय धन्वन्तरि ।।





[9/29, 8:37 AM] Prof. Deep Narayan Pandey:





 *आचार्य, क्या इसमें लंबे समय तक जात्यादि तेल का पिचुधारण भी मदद नहीं करता?*





[9/29, 9:08 AM] Dr Shashi Jindal: 





Exactly sir this the treatment protocol for vaginal warts, but as vagina is a delicate part, we have to use kshar etc. with a great care.





1.Vaginal warts r viral infections. 




2. Cells of vaginal mucosa and perineal skin have glycogen in its cells.




3. In diabetic pts. cellular carbohydrate metabolism is disturbed, and cells become prone to infections. 




4.Small viruses are composed of same basic nucleic acid constituents (DNA or RNA) as found in mammalian cells, it is capable of reproducing itself under appropriate conditions. 





so diabetes should be controlled, and vagina and perineal area should be kept dry, natural detergents like shikakai, reetha, neem etc should be used to wash the areas.





[9/29, 9:10 AM] Dr. Rituraj Verma:





 Thanks sir ji





[9/29, 9:14 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*सुप्रभात सर, संयोग है कि हमारे पास अधिकतर रूग्णायें वो ही आती रही जो working है,3-4 hours travelling time, 9-10 hours office sitting, office में common wash room, स्फटिका मिश्रित जल से wash तक तो उनके लिये संभव रहा इसके बाद सब कुछ readymade ही प्रयोग करने की इच्छुक । हमने कासीसादि तैल का पिचुधारण भी कराया पर वो उनके लिये संभव नही रहा और लाभ मिलना भी आरंभ हुआ, अत: हमने ऐसी रूग्णाओं का त्याग ही उचित समझा ।*





[9/29, 9:19 AM] Prof. Deep Narayan Pandey: 👍💐🙏





[9/29, 9:20 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*vagina wash के लिये स्फटिका जल अति उत्तम कार्य करता है, श्वेत प्रदर में पहली बार से लाभ मिलना आरंभ हो जाता है, दिन में 2 बार पर्याप्त है और योनि दौर्गन्ध्य की श्रेष्ठ औषध हम मानते है, हमारे यहां clinic पर स्फटिका भस्म का प्रयोग अधिकतर इसी कार्य के लिये और गंडूष के लिये होता है ।*





[9/29, 9:24 AM] Shantanu Das Prof KC: 





Sir normally I use.....


Sphatik + Nimba twak+ khadi haldi .... ka combination........


Bahut achha kam kartaa hei





[9/29, 9:26 AM] Dr Shashi Jindal:





 Thanks very much sir, sfatic is astringent and also have dehydrating effects.





[9/29, 9:30 AM] Dr. R S. Soni, Delhi:





 योन्यर्श में धूपन का विधान है।


कोई अनुभव नहीं इस विषय में, किसी ने प्रयोग किया हो तो कृपया प्रस्तुत करें।





ये स्थानिक लेप से होनेवाले क्षार प्रयोग के क्षरण से मृदु रहेगा।🙏🙏🌹





[9/29, 9:30 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 👌👌👌👌





[9/29, 9:35 AM] Dr Shashi Jindal: 





👌👌🙏🏼


One of my pt. told me she usually take dhoom of wheat flour bran for vaginal infections.





[9/29, 9:37 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*प्राचीन समय में राजा के अनेक रानियों और स्त्रियों से संबंध होते थे पर संतान सब से नही होती थी तो वो क्या गर्भनिरोधक उपाय करते थे या औषध प्रयोग करते थे ? चिन्तन करें । आज workind day है इसका उत्तर रात्रि में या कल दूंगा ।*





[9/29, 9:39 AM] Dr Sachin Gajare: 





वैद्य नरेंद्र गुजराथी सर.


जलगाव महाराष्ट्रसे है,


उनका धुपन इन्स्ट्रुमेंट पेटंटेड है.


योनी जैसे कठीण जगह मे धुपन के लिये अती उपयुक्त है,


हमारा वार्ट विषय मे कोई अनुभव नही है।





[9/29, 9:52 AM] Dr Bhavesh Modh:





वेजाइनल वार्टस या योनी अर्श लिबीया मेजोरा के बहार व अंदर की सतह पर होते है,


इमेज मे दिखाइ पडता पोंधा thuja occidentalis है जो बाग बगीचे मे ओरनामेन्टल प्लान्ट की तरह उगाया जाता है, इसके पत्तो की ताजा कल्क दिन मे दो बार 30 मीनीट तक वार्टस पे रहा उस तरह लगा के रखे। तत्पश्चात जात्यादि तेल से अभ्यंग। महीने भर मे वार्टस से मुक्ति  साथ साथ योनीकंडु व योनीस्त्राव मे भी लाभ मिलता है,


लेप  विधान की जो सावधानीयां दर्शाइ गइ है उसका पालन हो, रात्री मे लेप न करे, व। लेप की जाडाइ 1 C.M. से अधिक हो 


 परहेज मे ...  विवाहित जोडे संभोग के दोरान कोन्डम का इस्तमाल करे अधिक व्यवाय कर्म से बचे ।





thuja occidentalis के एक्स्ट्रेट से बनी होम्योपथी मेडिसीन मे क्रिम भी आती है जिसका स्किनटेग मे परिणाम अच्छा है उसे देखते हुए यह प्रयोग का ख्याल आया व  प्रैक्टिस मे अजमाया परिणाम अच्छे मीले। 


इन्टरनल दवाई मे मेद दुष्टी पे फ़ैक्स करके औषधयोजना कर शकते है । जात्यादि तेल रोपण व कंडुघ्न हेतु दिया गया था, जात्यादि मे एकस्ट्रा निम्बतेल  समान भाग से मिलाना उत्तम है ।








[9/29, 9:54 AM] pawan madan Dr:



 प्रणाम सुभाष सर !





बहुत ही उत्कृष्ट !





गुरुवार ऐसे केसेस में तीनों प्रकार के क्षार इस्तेमाल करना है जरूरी है या सिर एक क्षार का ही उपयोग काफी है?





मैं कई बार आरिज्ञावर्धिनी 1.5 ग्राम 3 बार तक भी इस्तेमाल की है।





🙏💐🙏





[9/29, 9:55 AM] Dr. Rituraj Verma: 





Ji sir thanks.





[9/29, 9:57 AM] pawan madan Dr: 👍🏻👍🏻👌🏻👌🏻





[9/29, 9:59 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*आपको reply free हो कर करता हूं*





[9/29, 10:00 AM] Dr Divyesh Desai: 





आभार सर, इन्तजार रहेगा।





[9/29, 10:08 AM] Dr C P. Dixit: 





🙏🙏सर प्रणाम


सर, इस तरह के रोगियों की चिकित्सा करने का मौका आए दिन मिलता है,सर औषधि प्रबंधन लगभग यही रहता है, मैं स्थानिक प्रयोग के तौर पर बड वृक्ष के पत्तों को तोड़ने पर डंठल से निकलने वाले दूध में नमक मिलाकर लगवाता हूं सर चमत्कारिक परिणाम मिलते हैं।


आजकल यह रोग आम हो गया है


दस पंद्रह साल के बच्चों में भी होने लगा है।





[9/29, 10:15 AM] Shivam Sinwar Gngangr: 🙏🏻🙏🏻👌





[9/29, 10:45 AM] Deepak Bassi Dr: 





G sir inko i think dasmool kashyam 


Parbakar vati 


Gokshuadi guggulu b sath me deni chye 








Kuki basal creps


Dysnea 


Pedal odema yh sab CCF KI VJH SE B B HO SKTA H





[9/29, 10:46 AM] Dr C P. Dixit: 





मेदोज ग्रंथियों के लिए एलोपैथिक डॉ सर्जरी की बात कहते हैं, साथ में यह भी बोलते हैं कि बहुत हो रखीं है कितने ओपरेशन करवाओगे पड़ी रहने दो,असल में रोगी को इनसे कोई परेशानी भी नहीं होती, लेकिन हमने देखा है कि जब ये ग्रंथियां पेट, लीवर के नीचे की सतह पर, पसलियों के नीचे,कमर के इर्द-गिर्द, गर्दन के पीछे तो रोगी को झुकने और खाने के बाद, खांसते समय तकलीफ होती है ।





[9/29, 10:59 AM] Dr Sunil Jain: 





Great thinking 👏👍





[9/29, 12:11 PM] Prof K K. Upadhyay:





 Gomutra is also very effective.





[9/29, 12:20 PM] Dr. Arun Rathi, Akola: 





🙏🏻🙏🏻🙏🏻.





*पुनर्नवा मण्डुर मे करीब करीब 70 प्रतिशत मण्डूर भस्म होती है।*


*इसमे कुल 23 काष्ठ औषधी होती है और इन सब औषधियों के 2 गुनी मण्डूर भस्म होती है। गोमूत्र 8 गुणा  लेकर मण्डुर भस्म को गौमूत्र मे पकाकर 1/4 शेष रख पश्चात काष्ठ औषधी चुर्ण मिलाकर गोलीया बनाई जाती हैं।*


*यह लिखने का तात्पर्य यह है की पुर्व मे विंध्यवासि योग के समय लोह की मात्रा के विषय मे चर्चा हुई थी।*





*पुनर्नवा मण्डुर यह 1gm × 3 बार देने पर, लोह या मण्डुर भस्म यह करीब करीब 1.5 to 2 gm तक हम बिना किसी डर और उपद्रव के दे सकते है ।*





[9/29, 1:16 PM] Dr. Mrityunjay Tripathi, Gorakhpur: 





अति उत्तम मार्गदर्शन गुरुजी 🙏🙏🙏💐💐💐🙏🙏





[9/29, 3:49 PM] Dr. Sharad Trivedi, Shimala: 





मंडूर रॉ उपलब्ध नहीं है, ईंट के भट्टो में लोहे को डाल कर आजकल मंडूर बनाया जाता  हैं, कोई दे रहा हैं तो पता करना कि रॉ मटेरियल  किस जगह से लेते हो ।





[9/29, 6:40 PM] Dr Ankur Sharma, Delhi: 





I also advise to keep


5% alum solution soaked gauze in vagina at night to get rid of leukorrhea


And it work due to its astringent (kasaya) property, antimicrobial properties 





🙏🙏🙏🙏🙏





[9/29, 6:44 PM] Dr. Abhishek Kumar Singh: 





In leucorrhoea cases I am using Triphala and subhra bhasm for yoni Dhawan and they give excellent results.





[9/29, 6:45 PM] Dr Ankur Sharma, Delhi: 





Alum5%solution soaked gauze also work good in bleeding piles.





[9/29, 6:46 PM] Dr Ankur Sharma, Delhi: 





Tested many times and every time get satisfactory results .





[9/29, 7:07 PM] Dr Isha Aneja: 





5gm of alum dissolve in 50ml of water....


 Plz let us know..





[9/29, 7:19 PM] Dr Ankur Sharma, Delhi: 





Generally i prepare alum solution, then take 2~3pieces 10~15gm alum 


And pour in warm 1litre water 


Alum get dissolved easily.





[9/29, 7:31 PM] Parul Ben Joshi: 





We don't advice use of Alum alone


It's Astringent property creates vaginal & even skin dryness.


They lead to many other issues & problems.


Alum is always used with some antidote like Gairik, Yadhtimadhu etc.





[9/29, 7:38 PM] Dr. Uday Patanakar, New Delhi: 





We have studied efficacy of trifla kwath in one group and betadin solution in another group


 in more than 100 patients in collaboration with gynecologist allopathy.


After three months study only


She started using trifla kwath instead other allopathy preparation after seeing the results of trifla kwath for yoni dhawan.





[9/29, 8:06 PM] Prof. Satish Panda K. C: 





Yes ,Right.


Add Tankan bhasha into it.you get  result just like a magic.try it.🙏🏻





[9/29, 8:25 PM] Dr Naresh Garg, Jaipur: 





Panchvalkal kwath se yoni dhavan.  Neem taila pichu also show good results.





[9/29, 8:27 PM] Parul Ben Joshi:





 👌🏻


Even Jatyadi Taila/Ghruta as per symptoms...





[9/29, 8:38 PM] Prof. Satish Panda K. C: 





It is an universal law.In almost every disease one cause is stress and tension.So,it depend on the physician to act wisely.





[9/29, 8:38 PM] Dr. Praveen Prajapat:





 अतिसुंदर विवेचन गुरुवर🙏





[9/29, 9:28 PM] pawan madan Dr: 





सर अगर बढ़ का दुध लगाने से ये लाइपोमा निकल जाए तो फिर क्या ही बात


सर सच मे क्या ऐसा होता है🤔





[9/29, 11:17 PM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*डॉ. पवन जी, जहां रोगी मेदस्वी ना हो वहां हम सर्जिका क्षार का ही प्रयोग करते है, ये तीन क्षार का प्रयोग हमने कई रोगियों में शीघ्र लाभ देने के लिये standardized कर दिया है क्योंकि इसने हमारी आशा से अधिक लाभ दिया।*





[9/29, 11:26 PM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi:





 *उद्वर्तन हमने इस रोग में नही किया, आत्म विश्वास तब आता है जब आप किसी गुरू के सान्निध्य में कुछ समय साथ रह कर clinical experience लेते है, जैसे पवन जी ने कहा कि वो 1.5 gm  आ.वर्धिनी 3 बार देते हैं ये सत्य है, आप देखेंगे कि कोई हानि नही है आत्मविश्वास बढ़ता है और सान्निध्य में रह कर ये पता चल जाता है कि यदि कभी किसी रोगी को इसके कारण gripping pain या अति मल आ भी जाये तो वह किस प्रकार सरलता से मैनेज हो जाता है।*





[9/29, 11:30 PM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi:





 *कासीसादि तैल में स्फटिका भस्म मिलाकर दे, ये शुष्कार्श, रक्तार्श और  vaginal warts में हमारा scecret formula है ।*





[9/29, 11:41 PM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*चिकित्सा सोचने की नही करने की चीज है, जो भी ग्रुप में हम लिखते हैं वो हमारा अब 36 yrs. experience with evidence देते है, आंख बंद कर के भी प्रयोग करेंगे तो result जरूर मिलेगा, निर्भयता के साथ कर के देखिये आनंद मिलेगा।*





[9/29, 11:41 PM] Dr Divyesh Desai: 





👏🏽👏🏽सर, फिर मुझे आप जैसे आप्त गुरु के सानिध्य में clinical experience के लिए आना पड़ेगा और आपके साथ कुछ समय रहकर पढ़ाई करनी चाहिए और आपकी तरह आत्मविश्वास प्राप्त करना पड़ेगा।


जय गुरुदेव, जय धन्वन्तरि।





[9/29, 11:46 PM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*मेरे यहां रोगियों के लिये waiting period एक महीने का चलता है, यदि आप या कोई भी आये तो इतना crowd होता है कि बात भी नही की जा सकती। जो ग्रुप members clinic पर आते रहे है उन्होने मेरा हाल देखा है।*





*अत: क्षमाप्रार्थी हूं*





[9/29, 11:48 PM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi:





 *तभी तो इस ग्रुप के माध्यम से अपने अनुभव प्रमाण सहित आप को दे रहे हैं कि आप भी ये सब कर सकें।*





[9/29, 11:56 PM] Dr Divyesh Desai: 





जी सर, जितने भी सदस्य आपके क्लीनिक पर आये है उन सबके साथ आपको डिसकस करने का भी टाइम नही मिलता ,मैं तो जब भी दिल्ही आऊँगा आप के साथ मुलाकात अवश्य करने को इच्छुक हूँ, सर आप ने सारी बाते शेयर की है, आपके अनुभव का लाभ मिलता ही रहता है, अतः आप हमेशा हम सबको अच्छी तरह मार्गदर्शन करने का नेक कार्य कर ही रहे हो।


जय आयुर्वेद, जय धन्वन्तरि !





[9/30, 12:25 AM] Vaidyaraj Subhash Sharma, Delhi: 





*सुस्वागतम् 🙏🙏🙏 जब भी दिल्ली आयें हमेशा स्वागत है, कल ग्रुप के डॉ संजय छाजेड़ जी मुंबई से और डॉ. विनोद मित्तर जी हमारे यहां आये थे, आयुर्वेद चर्चा, सब के अपने अनुभव से सभी का ज्ञानवर्धन हुआ और असीम आनंद मिला।*





                   💐💐💐





[9/30, 6:54 AM] Dr C P. Dixit: 





🙏🙏आभ्यान्तर औषधि प्रबंधन जहां हमें फायदेमंद​है वहीं सैंकड़ों रोगियों में यह बाह्य प्रयोग लाभकारी है।


आप देखिएगा सर बिना आभ्यान्तर औषधि प्रयोग के केवल इसको लगाने से पन्द्रह दिन में ग्रन्थियां मुलायम होने लगती है।


🙏सर निकालती नहीं है घुलने लगती है।





[9/30, 7:05 AM] Dr C P. Dixit: 





🙏🙏बहुत सुंदर मार्गदर्शन सर।


चिकित्सा सेवा चर्चा उपयोग का विषय है।


🙏🙏मैं अनुभव के साथ निवेदन कर रहा हूं कि इनका हम जब उपयोग करते हैं तो जो बताया जा रहा है उससे भी कहीं बेहतर परिणाम सामने आते हैं।


जरुरत है तो पूर्ण आत्मविश्वास के साथ काम में लेने की।





[9/30, 7:15 AM] Dr Sukhveer Verma:





 Vaginal warts में त्रिफला, नीम छाल व हरिद्रा क्वाथ में स्फटिक मिलाकर प्रक्षालन करते हैं। उसके बाद जात्यादि टेल, करंज तैल या नीम तैल का पिचू देते हैं जिससे लाभ मिलता है





[9/30, 7:22 AM] Dr Divyesh Desai: 





👏🏽👏🏽👏🏽केवल दिल्ही आनेका और आपसे मिलने का सु-संयोग का बेसब्री से इंतजार है।


जय धन्वन्तरि, जय गुरुदेव।















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Above case presentation & discussion held in 'Kaysampraday" a Famous WhatsApp group  of  well known Vaidyas from all over the India. 












Presented by



















Vaidyaraj Subhash Sharma






MD (Kaya-chikitsa)




New Delhi, India




email- vaidyaraja@yahoo.co.in




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1Comments
  1. Sir ,
    Ye dekh ke bahut acha lg rha ki ,lipoma me saflata milti hai . Main Bharat , age 33 years , pichhle 12 years se lipoma se presan hu. Apki btayi hui medicines kese prapt ho skti hai kripya margdarshan kijiye Gurudev!

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